रमना (गढ़वा)/राहुल कुमार
वनवर्ष आरंभ होने के साथ ही प्रखंड मुख्यालय सहीत आसपास के ग्रामीण इलाकों के घोषित और अघोषित पर्यटन क्षेत्रों को देखने और वनभोज का सिलसिला आरंभ हो गया है।शुक्रवार को प्रखंड के जिरुआ जलाश्य पर भी वनभोज सह मिलन सामारोह संपन्न हुआ है।उक्त समारोह में प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक कार्यकर्ता,विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि व शासन प्रशासन के लोग भी शामिल हुए ।जलाश्य में विदेशी पंक्षियों के कलरव और पानी के बीच कर रहे अटखेलिया ने लोगो को आकर्षित कर रहा था। विदित हो कि 2023 ई. के आखिरी महिना में गढ़वा जिला के कई स्थानों को पर्यटन क्षेत्र के रुप में घोषित किया गया था,जिसमें रमना का जिरुआ जलाश्य और चांदराज पहाड़ी को डी श्रेणी का पर्यटन स्थाल घोषित किया था।परंतु एक साल गुजरने के बावजूद घोषणा फाईलो में दबा हुआ है।वनभोज में पहुंचे लोगो ने कहा कि जलाश्य को सामुहीक प्रयास से विकसित करने से क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगती होती।वनभोज में पहुंचे कई लोगो ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रमनीय स्थल के विकास से रोजगार के साथ आर्थिक प्रगति होता
रमना प्रखंड में कई रमनीय स्थल है जिसमें जिरुआ जलाश्य का नजारा ही कुछ अलग है।रंग -बिरंगे पंक्षियों का पानी में अटखेलिया और कलरव लोगो को मंत्रमुद्ध कर देता है।सरकार के द्वारा पर्यटन क्षेत्र की घोषणा की है लेकिन एक साल से कोई खास प्रगति नही हुई है।क्षेत्र में रोजगार और प्रगति के लिए हमलोग सामुहीक प्रयास करेंगे
करुणा सोनी,प्रमुख,रमना
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