धुरकी (गढ़वा) : बेलाल अंसारी
धुरकी प्रखंड मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर स्थित कोरवा टोला में डायरिया का कहर टूट पड़ा। इस बीमारी से अनिल कोरवा का चार वर्षीय पुत्र बादल कुमार की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से पीड़ित हैं।

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सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धुरकी की टीम ने कैम्प लगाकर बीमार परिवार का इलाज शुरू किया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश कुमार ने बताया कि एक बच्चे की मृत्यु हुई है और बाकी पीड़ितों के इलाज पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर विशेष स्वास्थ्य शिविर भी लगाया जाएगा।
पीड़ित अनिल कोरवा, उसकी पत्नी प्रमिला देवी और एक अन्य सदस्य डायरिया से जूझ रहे हैं। यह परिवार आदिम जनजाति समुदाय से है और अत्यंत गरीबी में गुजर-बसर कर रहा है। रहने के लिए इनके पास पक्का मकान तक नहीं है, फिलहाल पास के कोरवा भवन में शरण लिए हुए हैं।
अनिल कोरवा का कहना है कि यदि सरकार उसे आवास की सुविधा दे तो वह जमीन की व्यवस्था कर अपना घर बना लेगा।
हालांकि आदिम जनजातियों के उत्थान के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन इस परिवार को अब तक लाभ नहीं मिल पाया है। यही वजह है कि यह आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
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