रमना (गढ़वा )/राहुल कुमार
प्रखण्ड के गम्हारिया पंचायत अंतर्गत जिरुआ गांव में प्रकृति पर्व सरहुल धूम धाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुखिया पानपती देवी ने कहा कि यह आदिवासी समाज का सबसे बड़ा त्योहार है।यह त्योहार पेड़ो में नए फलों के आगमन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।यह त्योहार हमे प्रकृति की रक्षा का संदेश देता है।कार्यक्रम को यशवंत पासवान,प्रताप सिंह,अनुराग कुमार,लक्ष्मण सिंह,शनिचर कोरवा,लखन सिंह,विजय सिंह एवम भोला सिंह ने संबोधित किया। इसके पूर्व सखुआ पेड़ के नीचे पाहन रामसुंदर वैगा और देवारिन सुकनी देवी ने संयुक्त रूप से सरहूल की विधिवत पूजा कराई ।साथ ही फसल की अच्छी पैदावार तथा सुख एवम समृद्धि की कामना की गई।तत्पश्चात परंपरागत प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर मांदर की थाप पर नृत्य एवम गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन चंद्रिका मांझी ने किया।जबकि मौके पर संजय सिंह,कुशेनदर सिंह, गोविन्दर सिंह, रामलाल सिंह, जगदीश सिंह, प्रभु सिंह,गुडन सिंह,लखन सिंह, जितेन्द्र कोरवा सहित कई लोग मौजूद थे।
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