श्री बंशीधर नगर : गढ़वा जिले में वन विभाग अपनी कार्यशैली से एक बार फिर सुर्खियों में है। खासकर उत्तरी वन प्रमंडल के एक से बढ़कर एक कारनामें सुर्खियां बन रहीं हैं। ऐसा लगता है कि उत्तरी वन प्रमंडल हड़बड़ी में कुछ ज्यादा गड़बड़ी के लिए ख्याति प्राप्त करने वाला है।
फिलहाल वन विभाग ने जिस तरह अपनी नाकामी को छिपाने के लिये आनन फानन में नोटिस जारी किया है, उससे लगता है कि विभाग के लोगों को लिंग भेद की भी जानकारी नहीं है। नोटिस में पुरूष व्यक्ति के पिता की जगह पति लिखा गया है। जबकि यह नोटिस डीएफओ उत्तरी वन प्रमंडल ऑफिस से निर्गत किया गया है।
यहां बता दूं कि गत माह नगर ऊंटारी वनक्षेत्र अंतर्गत सुरक्षित वन क्षेत्र कुंबाखुर्द में वन माफियाओं के द्वारा लाखों रुपये की बेशकीमती पेड़ को काट लिये जाने का मामला सामने आया था। पेड़ की कटाई का मामला समाचार पत्रों में सुर्खियां बनी थी। जिसके बाद वन विभाग ने अपनी नाकामी छिपाने के लिये आनन-फानन में कार्रवाई के नाम पर कटा हुआ लकड़ी बरामद कर एवं कुछ ग्रामीणों पर एफआईआर दर्ज कर खानापूर्ति की थी।
इसी से जुड़े मामले में वन विभाग ने कुछ लोगों पतरिहा खुर्द गांव निवासी इंद्रदेव उरांव, प्रेम उरांव, रघु उरांव के नाम से नोटिस जारी किया गया था। नोटिस न्यायालय-प्राधिकृत पदाधिकारी सह वन प्रमंडल पदाधिकारी, गढ़वा उतरी वन प्रमंडल के द्वारा गत 25 जून 2022 को जारी किया गया था। नोटिस में भारी त्रुटि की गई है।
वहीं नोटिस में एक नाम इंद्रदेव उरांव ऐसा है जिसकी तीन वर्ष पहले ही मौत हो गई है। वहीं नोटिस में इंद्रदेव उरांव, प्रेम उरांव, रघु उरांव के नाम में पिता की जगह पति लिखा गया है। वन विभाग के इस नोटिस से जहां विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है। वहीं जमकर किरकिरी भी हो रही है।
Advertisement







Users Today : 1
Total Users : 350988
Views Today : 1
Total views : 504841