भवनाथपुर(गढ़वा)/जुल्फिकार
प्रखंड क्षेत्र के मकरी पंचायत में बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र व निजी लोंगो के खेत से बिना परमिशन के लकड़ी तस्कर खैर की लकड़ी का तस्करी करते हुए बिहार व यूपी ले जा रहे है। जबकि वन विभाग और अंचल से तस्करों पर कोई कार्यवाई नही हो रही है। जिससे इन विभागों पर भी संदेह उतपन्न होता है। बताते चले कि बरवारी के अमीराक यादव के निजी जमीन पर लगे चार दर्जन से अधिक खैर का पेड़ काट दिए गए है। जबकि जयनगरी में वन सीमा में लगे दो दर्जन खैर का पेड़ काटा गया है। जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाई नही हुई है। उक्त लकड़ी को वन विभाग द्वारा सीज भी नही किया गया है। निजी जमीन में लगे खैर की लकड़ी कटाई में भवनाथपुर अंचल से भी परमिशन नही लिया गया है। जानकारी के अनुसार लकड़ी तस्कर उक्त खैर की लकड़ी को यहां से पांच रु किलो ख़रीदकर यूपी व विहार के बाजारों में महंगी कीमत पर बेचकर मालामाल हो रहे हैं। इस संबंध में सीआई ईतीखाब आलम पूछे जाने पर बताया गया कि लकड़ी कटाई के लिए किसी ने अंचल से अभी तक परमिशन नही लिया है।जबकि रेंजर प्रमोद ठाकुर से पूछे जाने पर कहा कि खैर की लकड़ी काटने के लिए परमिशन वन विभाग द्वारा नही ल दिया गया है। लकड़ी ट्रांसपोटिंग करते समय विभागीय करवाई की जाएगी।
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