श्री बंशीधर नगर/उपेंद्र कुमार
शनिवार की सुबह जैसे ही लोगो की आंखे खुली एक झकझोर देने वाली खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। जतपुरा निवासी शिक्षक नेता सह सुप्रसिद्ध कवि सुनील शुक्ल की असमायिक मौत की खबर से पूरा क्षेत्र सदमे है। सुनील शुक्ला सुबह उठ कर अपने खेत की तरफ घूमने गए थे। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान मालगाड़ी की चपेट में आ गए। जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग जानकारी लेने घटनास्थल और घर पहुंचने लगे। परिजनों के साथ लोगो के आंखे नम थी। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। सुनील शुक्ल की मानसिक स्थिति कुछ दिनों से ठीक नही चल रही थी। उनके एक पुत्र की कुछ समय पहले सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गुई थी।
सुनील शुक्ला बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे कुशल शिक्षक के अलावे, कवि, गीतकार के साथ झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ रमना के सचिव भी थे। आदर्श शिक्षक के रूप में जाने वाले सुनील शुक्ला शिक्षकों के हित मे संघर्ष करने के लिए भी हरवक्त तैयार रहते थे। उनके असमायिक निधन से शिक्षा जगत स्तब्ध है।
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कमलेश्वर पांडेय ने कहा कि उनके असमायिक निधन से शिक्षा जगत ने ऐसा हीरा खो दिया है जिसकी भरपाई मुश्किल है। वही शिक्षक संघ के प्रधान सचिव प्रभात रंजन सिंह, खुशदिल सिंह, अविनाश सहाय, आशुतोष रंजन सिंह, दिलीप श्रीवास्तव, रामलला मिश्रा, चंद्रदेव राम, अशोक कुमार सिंह, संजय सिंह, फुलेंद्र राम, राकेश कुमार चौबे सहित कई लोगो ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
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