रमना (गढ़वा)/राहुल कुमार
प्रखण्ड मुख्यालय के दो प्रज्ञा केंद्र संचालको को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर मुखिया के हस्ताक्षर व मुहर का फर्जी तरीके से स्कैन कर सरकारी कार्यो में इस्तेमाल करने का आरोप है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने श्री बंशीधर नगर स्थित न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार प्रज्ञा केंद्र संचालको में थाना क्षेत्र के जोगीराल गांव निवासी मनोज कुमार साह व रमना निवासी मनोज साह का नाम शामिल है।

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जानकारी के अनुसार दोनों प्रज्ञा केंद्र संचालक मुखिया के हस्ताक्षर व मुहर को फर्जी तरीके से स्कैन कर फसल राहत योजना का आवेदन झारखण्ड सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर रहे थे। इसकी भनक लगने के बाद कई मुखिया प्रतिनिधि फसल राहत योजना का लाभुक बनकर एनएच-75 पर हाई स्कूल के समीप संचालित उक्त प्रज्ञा केंद्र पहुंचे और आवेदन अपलोड करने का आग्रह किया। जिस पर केंद्र संचालको ने फर्जी तरीका अपनाते हुए फॉर्म को आपलोड करने का प्रयास किया। मामले में फर्जीवाड़ा की पुष्टि हो जाने के बाद मुखिया प्रतिनिधियों ने इसकी सूचना थाना प्रभारी को दी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित करवाई करते हुए दोनों प्रज्ञा केंद्र संचालको को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उनके पास से बड़ी संख्या में टंडवा, रमना व बहियार कला पंचायत के मुखिया का हस्ताक्षर व मुहर स्कैन किया हुआ फर्जी आवेदन बरामद किया है। सम्बन्धित मुखिया की ओर से किये गये लिखित शिकायत के आलोक में पुलिस ने केस दर्ज करते हुए दोनों प्रज्ञा केंद्र संचालको को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस सम्बंध में मुखिया संघ के अध्यक्ष अजित पांडेय ने कहा कि एक साजिश के तहत उन्हें उनके हस्ताक्षर व मुहर के अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है। ताकि उनकी उपयोगिता समाप्त कर भोली-भाली जनता का आर्थिक दोहन किया जा सके। उन्होंने सभी प्रज्ञा केंद्रों की जांच की मांग की है। बहरहाल इस कार्यवाई से प्रज्ञा केंद्र संचालको में हड़कम्प मच गया है।
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