विशुनपुरा(गढ़वा)/राजु सिंह

देश भर में महात्मा गांधी की 153 वें जयंती हर्षोउल्लास से मनाया गया। वही विसुनपुरा में गांधी जयंती के दिन राष्ट्रपिता की क्षतिग्रस्त प्रतिमा पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बापू को सम्मान देने के लिए प्रखंड के कई नामचीन हस्तियां मौजूद थे। जिनमें मुख्य रूप से प्रमुख दीपा कुमारी भी मौजूद थी। सम्मान देने का ढकोसला बापू की प्रतिमा को देखकर ही लगाया जा सकता है। प्रमुख जैसे पद पर बैठे व्यक्ति अगर बापू को ऐसे ही सम्मान देंगे तो देश का लोकतंत्र और संविधान पर कुठाराघात ही माना जायेगा। बापू की क्षतिग्रस्त प्रतिमा को ना तो ठीक करवाया गया और ना ही रंग रोपन। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति पर राष्ट्रपिता के अपमान को लेकर कार्यवाई होनी चाहिए। वही इस बात की चर्चा क्षेत्र में भी जोरो पर है कि आखिर बापू का अपमान कब तक सहन करना होगा जिसने देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करवाया है। इस कार्यक्रम में बिससूत्री अध्यक्ष शैलेन्द्र प्रताप देव, बिस सूत्री उपाध्यक्ष दिवाकर शुक्ल,अमहर खास पंचायत के बीडीसी भरदुल चन्द्रवंशी, राम जवित मेहता, चंदन मेहता सहित अन्य लोगो की मौजूदगी थी। लेकिन किसी ने बापू को उचित सम्मान मिले इसके लिए प्रयास नही किया।
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