भवनाथपुर(गढ़वा)/जुल्फिकार
प्रखण्ड क्षेत्र के अरसली उतरी पंचायत में मनरेगा योजना में फर्जी वाडा कर लाखो रुपये सरकारी राशि निकासी कर लिए जाने की मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार 2020-21 के तहत अरसली उतरी के खाता 150 प्लॉट 1351 में लाभुक अख्तर अंसारी का दो योजना एवं मुख्तार अंसारी का एक योजना 10.98 लाख रुपये आवंटित किया गया था। जिस में बिना काम कराए ही पदाधिकारियों के मिली भगत से 1 लाख 95 हजार की निकासी मजदूर के खाता के माध्यम कर ली गई। अख्तर अंसारी के पहला योजना से 66 हजार एवं दूसरे से 65 हजार की निकासी हुई है वहीं मुख्तार अंसारी के योजना से 64 हजार की निकासी की गई है। जब की योजना स्थल पर योजना की बोर्ड को छोड़ कर न तो किसी तरह का घेरावा है और ना ही एक भी पेड़ है।
लोकपाल भी योजना पर उठा चुके हैं सवाल
योजना के सुकृर होने पर जेसीबी उपयोग करने के शिकायत पर जांच करने पहुचे तत्कालीन मनरेगा लोकपाल स्थल जांच करने के दौरान गलत जगह योजना सुकृर होने पर कर्मियों को फटकार लगाया था। वहीं जिला स्तरीय पदाधिकारी के द्वारा कर्मियों से लेकर लाभुक को स्पस्टीकरण की मांग की थी। इसके बावजूद सरकारी राशि की निकासी किए जाना सीधा मनरेगा कानून की धजिया उड़ाई गई। जबकि लाभुक अख्तर अंसारी ने बताया कि मनरेगा योजना से वृक्षारोपण जो मिला था लेकिन सूखा पौधा ब्लॉक द्वारा दिए जाने पर हमने लेने से मना किया तो तत्कालीन बीडीओ और रोजगार सेवक द्वारा जबरन पेड़ लेने का दबाव बनाते हुए दुबारा पौधा आने पर फिर से लगाने की बात कहते हुए जबरन दे दिया गया था पदाधिकारी के द्वारा बोला गया ले जाइए नही लड़ाईए गा। पैसा कमा लीजिए।
क्या कहते हैं बीपीओ
इस संबंध में पूछे जाने पर बीपीओ दयानंद प्रजापती ने बताया कि पेड़ लगा था नीलगाय चर गया है।
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