भवनाथपुर (गढ़वा)/जुल्फिकार
सेवानिवृत सेल कर्मचारी ज्वाला प्रसाद दुबे(70 वर्ष) की मौत शुक्रवार रात हो गयी। टाउनशिप स्थित सी टाइप आवास में उन्होंने अंतिम सांस लिया। मौत की खबर सुनते ही टाउनशिप व उनके पैतृक गांव बलियारी में शोक की लहर दौड़ गई। दाह संस्कार वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट पर किया गया। जहां उनके एकलौते पुत्र सतीस कुमार दुबे ने मुखाग्नि दिया। बताते चले कि ज्वाला दुबे पिछले दस दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज पलामू के एक चिकित्सक के पास चल रहा था। ज्वाला दुबे का पैतृक गांव काण्डी के बलियारी था। सेल में कार्यरत सतीश दुबे रिटायर के बाद टाउनशिप ही रहते थे। उनके पुत्र सतीस दुबे भी सेल में कॉंट्रेक्टर के रूप में कार्यरत है। दुबे काफी वयवहार कुशल व समाज सेवी थे। नौकरी के दरम्यान उनका इंटक यूनियन के चंद्रशेखर दुबे के साथ काफी प्रेम व्यवहार था, जिसके कारण यूनियन में भी पदाधिकारी थे। सभी लोग उनको पहलवान साहब के नाम से भी जानते थे। इसके साथ साथ दुर्गा मंदिर ट्रस्ट कमिटी में भी वह काफी दिनों तक जुड़े रहे और मंदिर के विकास कार्य मे भी तनमन धन के लगे रहते थे। अपने पीछे तीन शादी शुदा लड़की व एकलौता पुत्र छोड़ गए है। उनकी पत्नी की भी मौत दो वर्ष पूर्व हो गई थी। उनके निधन पर शोक वयक्त करने वालो में सेल के जीएम मनोज कुमार, भगवान पानी ग्रही, बी दुगल, स्यामल गांगुली, सुमन श्रीवास्तव, वैस खान, जसवंत चौबे, राकेस चौबे, सतीस चौबे, पंकज यादव, शुशील मिश्रा, सुनील पांडेय, अनु दुबे, शोनु दुबे, मिथलेश दुबे सहित सैकड़ो लोगो का नाम शामिल है।
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