रमना(गढ़वा)/राहुल कुमार
रमना प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों मे पेयजल संकट गहराने लगा है। प्रखंड में लाइफ लाइन के रूप मे चिन्हित बांकी, कजरी, सुखड़ा नदी पूरी सूख चुकी है। जिसके कारण तेजी से जलस्तर नीचे गिरते जा रहा है। वहीं मुख्यालय के रामगढ़, बाबूडीह, मस्जिद टोला, वियार टोला,बजार क्षेत्र के अलावे टंडवा, बहियार कला, सहित कई स्थानों पर अभी से ही जल संकट गहराने लगा है। चापाकल हांफने लगे हैं। बताया जा रहा है कि बांकी और कजरी नदी से किए जा रहे बेतहासा बालू उठाव भी जल संकट का कारण माना जा रहा है। टंडवा में बांकी नदी और कजरी नदी के उद्गम स्थल से लेकर बांकी नदी मे मिलन स्थल तक सैकड़ों स्थानों पर पंद्रह से बीस फीट गहराई तक बालू का उठाव कर लिया गया है। जिसके कारण बांकी नदी के किनारे बसे टंडवा, दर, जतपुरा, बहियार खुर्द आदि गांवों जलस्तर तेजी से निचे जा रहा है। जिस प्रकार से मई माह में ही जल संकट दस्तक दे चुका है। अगर समय रहते पेयजल संकट समाधान के प्रति प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करता है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
-हांफने लगे हैंडपंप
-तीन साल पहले पंचायती राज व्यवस्था के तहत लगभग तीन सौ चापाकल का अघिष्ठापन रमना प्रखंड मे 14 वें वित्त आयोग की राशि से कराया गया था। स्थिति यह है कि मई माह मे ही काई चापकल हांफने लगे है वही कई मृतप्राय हो चूके है।
-पक्ष
प्रखंड मे गर्मी के वजह से उत्पन्न पेयजल संकट के सामाधान के प्रति पंचायत समिति गंभीर है।प्रखंड प्रशासन के साथ साथ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को प्रखंड मे पेयजल संकट की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया है।
-करुणा सोनी,प्रमुख,रमना
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