विशुनपुरा (गढ़वा) से संवाददाता राजु सिंह की रिपोर्ट
विशुनपुरा प्रखंड अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सारो में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। जुलाई माह की 8 तारीख बीत जाने के बावजूद अब तक हाजिरी रजिस्टर में बच्चों की एक भी दिन की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई है।

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जब केंद्र पर मौजूद बच्चों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें केवल खिचड़ी दी जाती है। न तो नाश्ता मिलता है और न ही मध्यान्ह भोजन में कोई विविधता। इस संबंध में जब सेविका गीता कुमारी से पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि आज सुबह का नाश्ता नहीं दिया गया और न ही गुड़ व मूंगफली वितरित किया गया है।

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वहीं सहायिका ने बताया कि उन्हें जो सामग्री दी जाती है, वही वे बनाकर बच्चों को देती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुबह का नाश्ता कभी-कभी ही दिया जाता है, और मध्यान्ह में गुड़ व भूना हुआ मूंगफली देने के संबंध में सेविका द्वारा कोई निर्देश नहीं मिलता। हैरानी की बात यह रही कि जब सेविका से बच्चों की उपस्थिति के संबंध में जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने हाजिरी रजिस्टर दिखाने से इनकार करते हुए उसे छुपा लिया।

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मुड़ेअहरा टोला की स्थिति भी कुछ अलग नहीं
सारो के मुड़ेअहरा टोला में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करने पर वहां सेविका बबीता देवी और सहायिका तो उपस्थित थीं, परंतु दोपहर एक बजे से पहले ही पेयजल संकट का हवाला देकर बच्चों को छुट्टी दे दी गई थी।
सेविका ने मोबाइल में खिचड़ी खाते पांच बच्चों का वीडियो दिखाते हुए बताया कि आज केवल पांच बच्चे उपस्थित थे। खिचड़ी देने के बाद पानी की कमी के कारण उन्हें छुट्टी दे दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि काफी प्रयास के बावजूद भी बच्चे नियमित रूप से केंद्र पर नहीं आते हैं।
इस पूरे मामले पर जब सीडीपीओ से प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने कहा, “मामले की गहन जांच की जाएगी और जो भी सेविका दोषी पाई जाएंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
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