विसुनपुरा(गढ़वा)/राजु सिंह
पर्यावरण असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार कई तरह की योजना चला रही है। लोगो को जंगल बचाने को लेकर जागरूक करने के साथ वृहत रूप से पौधारोपण किया जा रहा है। वही इसके विपरीत विशुनपुरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत वन भूमि पर अवैध तरीके से ट्रेक्टरों से जोताई कर फसल उगाई जा रही है। जिससे जंगल बचाने और पौधारोपण करने की योजना संकट में दिखाई देती है। इसमे वन विभाग के कर्मियों की संलिप्तता से इंकार नही किया जा सकता है। कुछ चंद लाभ के लिए विभाग के कुछ लोग जानकर भी अनजान बने हुए हैं।

दबंग लोग जंगल काटते हैं, फिर खेती करते हैं। इससे जंगल का क्षेत्रफल कम होता जा रहा है। जंगल माफिया प्रत्येक वर्ष जंगलों की कटाई कर भूमि को अतिक्रमण करने में लगे हुए है।
विशुनपुरा प्रखंड के सारो, पातो व ओढेया के जंगलों की सैकड़ो एकड़ भूमि जंगलों से गायब हो गया है। जंगल की भूमि पर हरे पेड़ की जगह जंगल माफिया फसल उगाते दिख रहे है। माफिया आर्थिक कमाई कर मालामाल हो रहे हैं. और प्राकृतिक सौंदर्य जंगल दिन प्रतिदिन खंडहर बनता जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस समय दबंग लोगों ने धान, मक्का, अरहर की फसल लगाने के लिए खेतों की जुताई करा दी है। मगर वन विभाग के अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं।
इस संबंध में पूछे जाने पर वन विभाग के रेंजर गोपाल चंद्रा ने बताया कि हम कैसे मान ले कि जंगल की जमीन की जोताई हो रही है, इसके लिए अपने कर्मी से जांच करवा कर ही कुछ कहा जायेगा।
Advertisement








Users Today : 13
Total Users : 351847
Views Today : 13
Total views : 505931