धुरकी(गढ़वा)/बेलाल अंसारी
प्रखंड मुख्यालय स्थित वन परिसर कार्यालय मे प्रशिक्षु डीएफओ एबिन बेन्नी अब्राहम ने मंगलवार को धुरकी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायत व गांव के कोरवा-परहिया मूलवासी एसटी समुदाय के साथ बैठक कर वन अधिकार पट्टा देने के लिए नियमावली आहर्ता की जानकारी दी। इस बैठक मे पंचायत के मुखिया वन समिती के लोग शामिल हुए थे, प्रशिक्षु डीएफओ ने कहा की झारखंड में भूमिहीनों को वन पट्टा देने के लिये सरकार द्वारा व्यापक अभियान चलाया जा रहा है जिसमे जंगल में निवास करने वाले, जंगलों, जानवरों और वनस्पति की रक्षा करने वालों को इसका अधिकार मिलेगा। तथा आदिवासी और वन पर आश्रित रहनेवालों को वनाधिकार पट्टा को मुहैया कराया जाएगा। डीएफओ ने लोगो को जागरूक करते हुए कहा की अनुसूचित जनजाती के वैसे लोग वन भुमि पर रह रहे हैं या वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली भुमि से अपनी आजीवका चला रहे हैं अथवा 2005 से पहले से रह रहे हों। डीएफओ ने यह भी कहा की जो लोग अनुसुचित जनजातीय समुदाय के नही हैं लेकिन उनकी तीन पीढ़ी जो 75 वर्षों से जंगल मे रहते आ रही है और उन्हें पंचायत द्वारा मान्यता दी गई है वैसे लोग नए रूपरेखा से बन रहे प्रस्ताव मे उन्हें शामिल किया जा सकता है। वन क्षेत्र अधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा की वन अधिकार का पट्टा योग्य और भुमिहिन को चिन्हित कर दिया जाएगा, रेंजर ने कहा की पहले वन अधिकार पट्टा के बारे मे प्रत्येक गांव मे जिसमे अनुसुचित जनजातीय समुदाय मूलवासी रहते हैं वहां पर वन विभाग द्वारा लोगो को जागरूक किये जाएगा।वही पंचायत के सभी मुखिया ने डीएफओ को अपनी पंचायत के वन पट्टा के लिए समुचित जानकारी दिया है,इस दौरान फाॅरेस्टर प्रमोद कुमार यादव,जिला परिषद सुनीता कुमारी, वन प्रबंधक एवम सुरक्षा समिति के अध्यक्ष बेलाल अहमद,बीडीसी कृष्ण कुमार सिंह सांसद प्रतिनिधी सुदर्शन गुप्ता मुखिया रघुनाथ सिंह,सगुनी राम, हरिलाल सिंह,मुखिया प्रतिनिधि इस्लाम खान,भाजयुमो के मनोज कुमार सिंह बसंत गोड़,शंभु सिंह तेजु कोरवा, सत्यनारायण बैठा,राजू प्रसाद,मंगल यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे।
Advertisement






Users Today : 16
Total Users : 350838
Views Today : 20
Total views : 504641